बात-बात पर दुखी होना छोड़ दोगे भगवान बुद्ध के उपदेश।। Bhagwan Gautam buddh ke updesh

नमस्कार दोस्तों आज के इस वीडियो में हम आपको भगवान बुद्ध के उपदेशों के बारे में जानकारी देने वाले हैं। यदि आपको वीडियो पसंद आए तो वीडियो को लाइक और चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर लेना ताकि अगली वीडियो की नोटिफिकेशन आप तक पहुंच सके

एक बार भगवान बुद्ध धर्म सभा को संबोधित कर रहे थे, अचानक एक व्यक्ति आता है वह कहता है, कि महात्मा जी, मैं भगवान को बहुत मानता हूं

लेकिन मेरा बुरा वक्त आया तो लोगों ने तो साथ छोड़ा ही था, लेकिन भगवान ने भी मेरा साथ छोड़ दिया।

उस व्यक्ति की बातें सुनकर भगवान बुद्ध मुस्कुराए, और बोलिए मैं तुम्हें एक बात बताता हूं, तुम जरा इसे ध्यान से सुनना

एक बार एक भगत था वह भगवान को बहुत मानता था, बड़े ही प्रेम और भाव से उसके सिवा किया करता था, एक दिन भगवान से एक कहने लगा कि मैं आपकी इतनी भक्ति करता हूं पर आज तक मुझे आपकी अनुमति नहीं हुई

वह भगवान से कहता है कि मैं चाहता हूं कि आप भले ही मुझे दर्शन ना दे, लेकिन आप ऐसा कुछ कीजिए कि मुझे अनुभव हो कि आप मौजूद हो, भगवान ने कहा ठीक है

तुम रोज सुबह सैर पर जाते हो जब तुम रेत पर चलोगे, तो तुम्हें दो पैरों की जगह चार पैर दिखाई देंगे। इसमें दो पैर तुम्हारे होंगे और दो पैरों के निशान मेरे होंगे

तो इस तरह तुम ही मेरी अनुभूति होगी, अगले दिन वह सैर पर गया, जब वह रेत पर चलने लगा तो उसने अपने पैरों के साथ–साथ, 2 पैर और भी दिखाई दिए। वह बहुत खुश हुआ, अब ऐसा रोज होने लगा

एक बार उसे व्यापार में घाटा हुआ, सब कुछ चला गया, वह रोड पर आ गया, देखो यही इस दुनिया की समस्या है, मुसीबत में सब साथ छोड़ देते हैं

अब वह सैर पर आ गया, तो उसे चार 4 की जगह 2 पहले दिखाई दिए, उसे बड़ी हैरानी हुई। कि बुरे वक्त में भगवान ने भी मेरा साथ छोड़ दिया

धीरे-धीरे सब कुछ ठीक होने लगा, फिर सब लोग उसके पास वापस आ गए, एक दिन जब वह शेर पर गया, तो उसने देखा कि 4 पैर वापस दिखाई देने लगे। उससे अब रहा नहीं गया, वह बोला भगवान जब मेरा बुरा वक्त था तो सब ने मेरा साथ छोड़ दिया था लेकिन मुझे इस बात का गम नहीं था

मुझे तो गम इस बात का था कि आपने भी मेरा साथ छोड़ दिया ऐसा क्यों किया आपने, हे भगवान

भगवान ने कहा, तुमने यह कैसे सोच लिया मैं तुम्हारा साथ छोड़ दूंगा, तुम्हारे बुरे वक्त में जो तुमने 2 पैरों के निशान देखे, वह तुम्हारे पैरों के नहीं मेरे पैरों के थे

उसमें समय में तुम्हें अपनी गोद में उठाकर चल रहा था और आज तुम्हारा बुरा वक्त खत्म हो गया है, तो मैंने तुम्हें नीचे उतार दिया। इसलिए तुम्हें 4 पैरों के निशान दिखाई दे रहे हैं

भगवान बुध की यह बात सुनकर उस व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान आ गई, और भगवान बुध का आशीर्वाद लेकर खुशी-खुशी चला गया।

तो दोस्तों आपको बुरे वक्त मैं भी भगवान पर पूरा विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि कांटों पर चलने से ही फूल मिलते हैं और विश्वास रखने से ही भगवान की प्राप्ति होती है।

हम आशा करते हैं कि आज के इस वीडियो से आपने अवश्य ज्ञान प्राप्त किया होगा। हमें पूरा विश्वास है कि अब तक आपने हमारे इस वीडियो को लाइक और चैनल को जरूर सब्सक्राइब कर लिया होगा। लेकिन आपको यह वीडियो कैसा लगा इसके बारे में कॉमेंट अवश्य करें